पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन

Bihar Board 12th Biology Objective Question Answers Chapter 2 in Hindi पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन, Bihar Board 12th Biology Objective Answers Chapter 2 पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन

Bihar Board 12th Biology Objective Question Answers Chapter 2 in Hindi पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन

1. पुष्यों की कृषि, प्रजनन, क्रय-विक्रय और व्यवस्था के विज्ञान को । कहते हैं
A. आरबोरिकल्चर
B. फ्लोरिकल्चर
C. हॉर्टिकल्चर
D. एन्थोलॉजी
Ans:- B. फ्लोरिकल्चर

2. ये पौधे अपने जीवकाल में केवल एक बार पुष्प व फल देते हैं और फल देने के बाद मर जाते हैं। ये हैं
A. मोनोकार्पिक पौधे
B. पॉलीकार्पिक पौधे
C. कायिक पौधे
D. प्रजनक पौधे ।
Ans:- A. मोनोकार्पिक पौधे

3. बेमेल जोड़े का चयन करें।
A. लघुबीजाणुधानी – परागकोश
B. गुरुबीजाणुधानी – बीजाण्डकाय
C. पराग कण – नर युग्मक
D. भ्रूणकोश – मादा
Ans:- C. पराग कण – नर युग्मक

4. युग्मकोद्भिद् बेमेल जोड़े का चयन करें।
A. पराग कणों का संग्रह – 196°C
B. पराग एलर्जी – गाजर घास
C. चेस्मोगैमस पुष्प – आवरित परागकोश व वर्तिकाग्र
D. जीनोगैमी – स्व परागण ।
Ans:- B. पराग एलर्जी – गाजर घास

5. काँटेदार व चिपचिपे पराग कण और बड़े आकर्षक रूप से रंगीन पुष्प निम्न के साथ सम्बद्ध होते हैं
A. जल परागण
B. कीट परागण
C. पक्षी परागण
D. वायु परागण।
Ans:- B. कीट परागण

6. जायांग का वह भाग जो पराग की अनुकूल प्रकृति को सुनिश्चित करता है
A. वर्तिकाग्र
B. वर्तिका
C. अण्डाशय
D. सहायक कोशिकाएँ।
Ans:- A. वर्तिकाग्र

7. एक पराग कण जब तीन कोशिकीय अवस्था में मुक्त होता है तो । उसमें ये तीन कोशिकाएँ पायी जाती हैं
A. 1 कायिक कोशिका, 1 जनन कोशिका, 1 नर युग्मक
B. 1 कायिक कोशिका, 2 नर युग्मक
C. 1 जनन कोशिका, 2 नर युग्मक
D. A. या (b)
Ans:- B. 1 कायिक कोशिका, 2 नर युग्मक

8. परागकोश की भित्ति चार भित्ति स्तरों की बनी होती है जहाँ
A. टेपीटम अन्तः स्तर के ठीक नीचे स्थित होती है।
B. मध्य-स्तर अन्तः स्तर और टेपीटम के बीच स्थित होता है।
C. अन्तः स्तर मध्य-स्तरों के नीचे स्थित होता है।
D. टेपीटम बाह्यत्वचा के नीचे स्थित होती है।
Ans:- B. मध्य-स्तर अन्तः स्तर और टेपीटम के बीच स्थित होता है।

9. 64 पराग कणों को उत्पन्न करने के लिये कितनी पराग मातृ कोशिकाओं को मिओटिक विभाजन करना चाहिए।
A. 64
B. 32
C. 16
D. 8
Ans:- C. 16

10. एक पूर्ण विकसित नर युग्मोद्भिद् में केन्द्रकों की संख्या होती है
A. एक
B. पाँच
C. तीन
D. चार
Ans:- C. तीन

11. परागकोश की सबसे अंदर की परत टेपीटम है, जिसका कार्य है
A. प्रस्फुटन
B. यांत्रिक
C. पोषण
D. सुरक्षा।
Ans:- A. प्रस्फुटन

12. बीजाण्डवृत्त के आधार पर परिपक्व बीजाण्डों को वर्गीकृत किया गया है। यदि बीजाण्डद्वार बीजाण्डवृत्त के निकट रहता है, तो बीजाण्ड को कहते हैं
A. ऋजुवर्ती
B. प्रतीप
C. अर्धप्रतीप
D. वक्रावर्त
Ans:- B. प्रतीप

13. जब बीजाण्डद्वार, निभाग व नाभिका एक सीधी रेखा में रहते हैं, तो बीजाण्ड को कहते हैं
A. प्रतीप
B. ऋजुवर्ती
C. एम्फीट्रोपस
D. वक्रावर्त
Ans:- B. ऋजुवर्ती

14. एक प्रारूपिक द्विबीजपत्री पौधे का मादा युग्मकोद्भिद् निषेचन के समय होता है
A. 8-कोशिकायुक्त
B. 7-कोशिकायुक्त
C. 6-कोशिकायुक्त
D. 5-कोशिकायुक्त ।
Ans:- B. 7-कोशिकायुक्त

15. भ्रूणकोश का पोलीगोनम प्रकार होता है
A. 8-केन्द्रकयुक्त, 7-कोशिकायुक्त
B. 8-केन्द्रकयुक्त, 8-कोशिकायुक्त
C. 7-केन्द्रकयुक्त, 7-कोशिकायुक्त
D. 4-केन्द्रकयुक्त, 3-कोशिकायुक्त ।
Ans:- A. 8-केन्द्रकयुक्त, 7-कोशिकायुक्त

16. परागण के प्रकार और संबंधित परागण करने वाले माध्यम के गलत जोड़े का चयन करें।
A. वायु परागण – वायु
B. जल परागण – जल
C. पक्षी परागण – पक्षी
D. चमगादड़ परागण – कीट
उत्तर:
D. चमगादड़ परागण – कीट

17. पराग कण के बाह्यचोल में उपस्थित सबसे अधिक प्रतिरोधी जैविक पदार्थ है
A. पैक्टोसेल्यूलोज
B. स्पोरोपोलेनिन
C. सुबेरित
D. सैल्यूलोज
Ans:- B. स्पोरोपोलेनिन

18. आवृत्तबीजियों में न्यूनकारी विभाजन की विभिन्न अवस्थाओं का अत्यधिक प्रभावशाली अध्ययन इनमें कर सकते हैं
A. युवा (तरुण) परागकोश
B. परिपक्व परागकोश
C. युवा (तरुण) बीजाण्ड
D. भ्रूणपोष कोशिकाएँ ।
Ans:- A. युवा (तरुण) परागकोश

19. पंखवत् वर्तिकान इनमें होता है
A. मटर
B. गेहूँ
C. धतूरा
D. सीजलपीनिया।
Ans:- B. गेहूँ

20. जायांग का जो भाग पराग ग्रहण करता है, उसे कहते हैं
A. वर्तिका
B. वर्तिकाग्र
C. बीजाण्ड
D. अण्डाशय
Ans:- B. वर्तिकाग्र

21. मकरन्द ग्रंथियों युक्त सुगन्धित पुष्प निम्न के लिये अनुकूलित होते हैं
A. जल परागण
B. वायु परागण
C. कीट परागण
D. घोंघों द्वारा परागण
Ans:- C. कीट परागण

22. जनन छिद्र का क्या कार्य होता है ? ।
A. मूलांकुर का उद्गम
B. बीज अंकुरण के लिये जल का अवशोषण
C. परागनलिका का प्रारम्भ
D. उपरोक्त सभी
Ans:- C. परागनलिका का प्रारम्भ

23. टेपीटम का कौन सा कार्य सही है ?
A. परागभित्ति के निर्माण में सहायता करती है।
B. परागकोश के अंदर की ओर पष्टिकारकों का परिवहन ।
C. लघुबीजाणु चतुष्कों को पृथक करने के लिये कैलेज एंजाइम का संश्लेषण।
D. उपरोक्त सभी।
उत्तर:
D. उपरोक्त सभी।

24. 100 पराग कणों के निर्माण के लिये कितने मिओटिक विभाजन आवश्यक होते हैं?
A. 100
B. 50
C. 25
D. 26
Ans:- C. 25

25. 100 क्रियात्मक गुरुबीजाणुओं के निर्माण के लिये कितने मिओटिक विभाजन आवश्यक होते हैं ?
A. 100
B. 50
C. 25
D. 26
Ans:- A. 100

26. एक या कुछ बीजाण्डों युक्त अण्डाशय वाला पौधा सामान्यतः इसके द्वारा परागित होता है
A. मक्खियों
B. तितलियों
C. पक्षियों
D. वायु।
Ans:- A. मक्खियों

27. यहाँ तक कि परागण करने वाले प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में भी इनमें बीज का निर्माण निश्चित होता है
A. कोमेलिना
B. जोस्टेरा
C. सेल्विया
D. अंजीर ।
Ans:- A. कोमेलिना

28. निषेचन की प्रक्रिया के दौरान पराग कण की परागनलिका प्रायः इसके माध्यम से भ्रूणकोश में प्रवेश करती है
A. अध्यावरण
B. बीजाण्डकाय
C. निभाग
D. बीजाण्डद्वार ।
उत्तर:
D. बीजाण्डद्वार ।

29. तंतुरुप समुच्चय निम्न में उपस्थित रहता है
A. सहायक कोशिकाओं
B. अण्डा कोशिका
C. प्रतिव्यासांत कोशिकाओं
D. द्वितीयक केन्द्रक ।
Ans:- A. सहायक कोशिकाओं

30. निम्न कथनों में से कौन-सा कथन स्पोरोपोलेनिन के बारे में गलत है?
A. बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन का बना होता है।
B. स्पोरोपोलेनिन एक प्रतिरोधी कार्बनिक पदार्थ है।
C. बाह्यचोल में जनन छिद्र वहाँ होते हैं, जहाँ स्पोरोपोलेनिन उपस्थित रहता है।
D. स्पोरोपोलेनिन उच्च तापक्रमों और तेज अम्लों को सह सकता है।
Ans:- C. बाह्यचोल में जनन छिद्र वहाँ होते हैं, जहाँ स्पोरोपोलेनिन उपस्थित रहता है।

31. उच्च रूप से संघनित पर्वो वाला रूपान्तरित प्ररोह है
A. पत्ती
B. पुष्प
C. लघुबीजाणुपर्ण
D. गुरुबीजाणुपर्ण ।
Ans:- B. पुष्प

32. परागकोश सामान्य रूप से होते हैं
A. मोनोस्पोजिएट
B. बाइस्पोरेजिएट
C. टेट्रास्पोरेजिएट
D. ट्राइस्पोरेजिएट ।
Ans:- C. टेट्रास्पोरेजिएट

33. कैलेज एंजाइम जो पराग चतुष्कों के कैलोज को घुलित कर चार परागों को पृथक करता है, निम्न के द्वारा प्रदान किया जाता है
A. परागों
B. टेपीटम
C. मध्य-स्तर
D. अन्तः स्तर।
Ans:- B. टेपीटम

34. पराग कणों के अध्ययन को कहते हैं
A. माइक्रोलॉजी
B. एन्थोलॉजी
C. पेलिनोलॉजी
D. पोमोलॉजी।
Ans:- C. पेलिनोलॉजी

35. पराग कण है
A. गुरुबीजाणु
B. लघुबीजाणु
C. लघुबीजाणुपर्ण
D. लघुबीजाणुधानी।
Ans:- B. लघुबीजाणु

36. पुंकेसर प्रतिनिधित्व करते हैं
A. लघुबीजाणुधानियो
B. नर युग्मकोद्भिद्
C. नर युग्मकों
D. लघुबीजाणुपएँ ।
उत्तर:
D. लघुबीजाणुपएँ ।

37. गुरुबीजाणुधानी को उसके सुरक्षात्मक अध्यावरणों सहित कहते हैं
A. अण्डाशय
B. बीजाण्ड
C. बीजाण्डवृत्त
D. निभाग।
Ans:- B. बीजाण्ड

38. ‘विषम वर्तिकात्व परपरागण की एक युक्ति, निम्न में पायी जाती
A. पेन्नीसेटम
B. इमपेशिएन्स
C. प्रिम्यूला वल्गरिस
D. ओइनोथीरा ।
Ans:- C. प्रिम्यूला वल्गरिस

39. बेमेल जोड़े का चुनाव करें
A. केन्नाबिस – वायु परागण
B. जूस्टेरा – जल परागण
C. सेल्विया – कीट परागण
D. एडनसोनिया – पक्षी परागण
उत्तर:
D. एडनसोनिया – पक्षी परागण

40. बहुत से पराग कण एक इकाई बनाते हैं, जिसे पोलीनियम के रूप में निर्दिष्ट करते हैं, इस कुल में पाया जाता है
A. एस्टीरेसी
B. कुकरबिटेसी
C. एसक्लपिडेसी
D. ब्रेसीकेसी।
Ans:- C. एसक्लपिडेसी

41. चेस्मोगैमस और क्लिस्टोगैमस पुष्य दोनों निम्न में उपस्थित होते हैं
A. हेलिएन्थस
B. कोमेलिना
C. रोजा
D. गोसीपियम ।
Ans:- B. कोमेलिना

42. नर युग्मकों में से एक के साथ अण्ड केन्द्रक के संलयन को कहते
A. जननात्मक निषेचन
B. संयुग्मन
C. कायिक निषेचन
D. A. व B. दोनों।
उत्तर:
D. A. व B. दोनों।

43. केप्सेला बर्सा पेस्टोरिस में त्रिसंलयन, नर युग्मक का इसके साथ संलयन है
A. अण्ड
B. सहायक कोशिका
C. द्वितीयक केन्द्रक
D. प्रतिव्यासांत कोशिका ।
Ans:- C. द्वितीयक केन्द्रक

44. भ्रूण कभी-कभी अण्ड की अपेक्षा भ्रूणकोश की किसी भी कोशिका से विकसित हो सकता है, इसे कहते हैं
A. अपबीजाणुता
B. अपयुग्मन
C. अनिषेकजनन
D. अनिषेकफलन ।
Ans:- B. अपयुग्मन

45. आवृत्तबीजियों में दोहरे निषेचन में सम्मिलित केन्द्रकों की कुल संख्या होती है. A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
उत्तर:
D. 5

46. निम्न में से कौन-सी घटना दोहरे निषेचन के बाद होती है ?
A. पराग कण वर्तिकाग्र पर अंकुरित होता है।
B. परागनलिकाएँ भ्रूणकोश में प्रवेश करती हैं।
C. दो नर युग्मक भ्रूणकोश में मुक्त होते हैं।
D. प्राथमिक भ्रूणपोष केन्द्रक भ्रूणपोष में विकसित होता है।
उत्तर:
D. प्राथमिक भ्रूणपोष केन्द्रक भ्रूणपोष में विकसित होता है।

47. सत्य भ्रूण निम्न के संलयन के परिणामस्वरूप विकसित होता है
A. भ्रूणकोश के दो ध्रुवीय केन्द्रक
B. अण्डकोशिका और नर युग्मक
C. सहायक कोशिका और नर युग्मक
D. नर युग्मक और प्रतिव्यासांत कोशिका ।
Ans:- B. अण्डकोशिका और नर युग्मक

48. इसमें भ्रूणपोष विकसित हो रहे भ्रूण द्वारा पूर्ण रूप से उपभोग कर लिया जाता है
A. मटर व मूंगफली
B. मक्का व अरण्डी
C. अरण्डी व मूंगफली
D. मक्का व मटर ।
Ans:- A. मटर व मूंगफली

49. भ्रूणपोषीय बीज इसमें पाये जाते हैं
A. अरण्डी
B. जौ
C. नारियल
D. उपरोक्त सभी ।
उत्तर:
D. उपरोक्त सभी ।

50. अनिषेकफलन के संदर्भ में सही विकल्प का चयन करें।
A. बिना निषेचन के फल का निर्माण ।
B. केला, अंगूर, विशेष संतरे इत्यादि में बीजरहित फलों का विकास ।
C. ऑक्सिन्स व जिबरलिन्स विभिन्न पौधों में अनिषेकफलन को प्रेरित करते हैं।
D. उपरोक्त सभी।
उत्तर:
D. उपरोक्त सभी।

51. यदि एक आवृत्तबीजी की भ्रूणपोष कोशिका में 24 गुणसूत्र हों तो मूल (जड़) की प्रत्येक कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या होगी
A. 8
B. 4
C. 16
D. 24
Ans:- C. 16

52. यदि भ्रूणपोष की कोशिकाओं में 24 गुणसूत्र हों, तो युग्मकों में । गुणसूत्रों की संख्या क्या होगी?
A. 8
B. 16
C. 23
D. 32
Ans:- A. 8

54. प्रांकुर ( भावी प्ररोह) और बीजपत्रों के बीच भ्रूणीय अक्ष के भाग को कहते हैं
A. बीजपत्राधार
B. बीजपत्रोपरिक
C. मूलांकुरचोल
D. प्रांकुरचोल
Ans:- B. बीजपत्रोपरिक

55. निषेचन पश्च विकास के संदर्भ में गलत कथन को पहचानिए ।
A. अण्डाशय भित्ति पेरिकार्प में विकसित होती है।।
B. बीजाण्ड का बाहरी अध्यावरण, अन्त:कवच (टेगमन) में विकसित होता है।
C. संलयन केन्द्रक (त्रिगुणित केन्द्रक) भ्रूणपोष में विकसित होता है।
D. बीजाण्ड बीज में विकसित होता है।
Ans:- B. बीजाण्ड का बाहरी अध्यावरण, अन्त:कवच (टेगमन) में विकसित होता है।

56. भ्रूणपोष प्रकार के सही क्रम का चयन करें।
A. कोशिकीय, हिलोबियल, स्वतंत्र केन्द्रकीय
B. कोशिकीय, स्वतंत्र केन्द्रकीय, हिलोबियल
C. हिलोबियल, स्वतंत्र केन्द्रकीय, कोशिकीय
D. स्वतंत्र केन्द्रकीय, कोशिकीय, हिलोबियल
Ans:- C. हिलोबियल, स्वतंत्र केन्द्रकीय, कोशिकीय

57. एकबीजपत्री बीज एक बड़े और कवच आकृति के बीजपत्र का बना होता है, जिसे कहते हैं
A. एल्यूरॉन परत
B. स्क्यू टेलम
C. प्रांकुरचोल
D. नाभिका।
Ans:- B. स्क्यू टेलम

58. बहुभ्रूणता सामान्यतया इसमें पायी जाती है
A. केला
B. टमाटर
C. आलू
D. नींबू
उत्तर:
D. नींबू

59. नीचे सूचीबद्ध शब्दों में से, वे जो एक पुष्पीय चक्र के लिये तकनीकी रूप से सही नाम नहीं हैं
(i) पुमंग
(ii) अण्डप
(iii) दलपुंज
(iv) बाह्यदलपत्र
A. (i) व (iv)
(b)(iii) व (iv)
C. (ii) व (iv)
D. (i) व (ii)
Ans:- C. (ii) व (iv)

60. भ्रूणकोष बीजाण्ड के लिये वैसे ही है जैसे……………परागकोश के लिये है।
A. पुंकेसर
B. पुतन्तु
C. पराग कण
D. पुमंग
Ans:- A. पुंकेसर

61. एक प्रारूपिक पूर्ण, द्विलिंगी और अधोजाय पुष्प में पुष्पासन पर पुष्पीय चक्रों की व्यवस्था बाहर से अंदर की ओर होती है
A. बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग व जायांग
B. बाह्यदलपुंज, दलपुंज, जायांग व पुमंग
C. जायांग, पुमंग, दलपुंज व बाह्यदलपुंज
D. पुमंग, जायांग, दलपुंज व बाह्यदलपुंज
Ans:- A. बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग व जायांग

62. किसी परागकोश में लघुबीजाणुधानी की सबसे बाहर और सबसे अंदर की परतें क्रमशः होती हैं
A. अन्तः स्तर व टेपीटम
B. बाह्यत्वचा व अन्तस्त्वचा
C. बाह्यत्वचा व मध्यस्तर
D. बाह्यत्वचा व टेपीटम
उत्तर:
D. बाह्यत्वचा व टेपीटम

63. लघुबीजाणुजनन के दौरान इसमें अर्द्धसूत्री विभाजन होता है
A. अन्तः स्तर
B. लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएँ
C. लघुबीजाणु चतुष्क
D. पराग कण ।
Ans:- B. लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएँ

64. नीचे दिये गये शब्दों के समुच्चयों में से उन्हें पहचानिए जो जायांग से संबद्ध हैं।
A. वर्तिकान, बीजाण्ड, भ्रूणकोश, बीजाण्डासन (प्लेसेंटा)
B. पुष्पासन, स्त्रीकेसर, वर्तिका, बीजाण्ड
C. बीजाण्ड, अण्डाशय, भ्रूणकोश, टेपीटम
D. बीजाण्ड, पुंकेसर, अण्डाशय, भ्रूणकोश
Ans:- A. वर्तिकान, बीजाण्ड, भ्रूणकोश, बीजाण्डासन (प्लेसेंटा)

65. सबसे अंदर के भाग से प्रारम्भ करते हुए, एक बीजाण्ड के भागों का सही अनुक्रम है
A. अण्ड, बीजाण्डकाय, भ्रूणकोश, अध्यावरण
B. अण्ड, भ्रूणकोश, बीजाण्डकाय, अध्यावरण
C. भ्रूणकोश, बीजाण्डकाय, अध्यावरण, अण्ड
D. अण्ड, अध्यावरण, भ्रूणकोश, बीजाण्डकाय
Ans:- B. अण्ड, भ्रूणकोश, बीजाण्डकाय, अध्यावरण

66. एक चेस्मोगैमस पुष्प में ऑटोगैमी हो सकती है यदि
A. पराग बीजाण्ड की परिपक्वता के पहले परिपक्व होते हैं।
B. बीजाण्ड पराग की परिपक्वता के पहले परिपक्व होते हैं।
C. पराग और बीजाण्ड दोनों एक साथ परिपक्व होते हैं।
D. परागकोश व वर्तिका दोनों समान लम्बाइयों के होते हैं।
Ans:- C. पराग और बीजाण्ड दोनों एक साथ परिपक्व होते हैं।

67. पौधे की एक विशेष जाति हल्के, अचिपचिपे पराग को बड़ी संख्या में उत्पन्न करती है और उसके वर्तिकान लम्बे व पंखवत् होते हैं। ये रूपान्तरण निम्न द्वारा परागण को सरल बनाते हैं
A. कीटों
B. जल
C. वायु
D. जन्तुओं।
Ans:- C. वायु

68. एक भ्रूणकोश में ये कोशिकाएँ निषेचन के बाद अस्तित्वहीन (लुप्त) हो जाती हैं
A. सहायक कोशिकाएँ व प्राथमिक भ्रूणपोष कोशिका
B. सहायक कोशिकाएँ व प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ
C. प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ व प्राथमिक भ्रूणपोष कोशिका
D. अण्ड और प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ।
Ans:- B. सहायक कोशिकाएँ व प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ

69. एक प्रारूपिक द्विबीजपत्री और घास के भ्रूणों में सत्य समजात रचनाएँ हैं
A. मूलांकुरचोल व प्रांकुरचोल
B. प्रांकुरचोल व स्क्युटेलम
C. बीजपत्र व स्क्यूटेलम
D. बीजपत्राधार व मूलांकुर ।
Ans:- C. बीजपत्र व स्क्यूटेलम

70. कुछ पौधों में एक घटना देखी जाती है, जिसमें लैंगिक उपकरण के भागों का उपयोग बिना निषेचन के भ्रूणों के निर्माण के लिये किया जाता है, इसे कहते हैं
A. अनिषेकफलन
B. एपोमिक्सिस
C. कायिक प्रवर्धन
D. लैंगिक प्रजनन
उत्तर:
D. लैंगिक प्रजनन

71. वह घटना जिसमें अण्डाशय बिना निषेचन के फल में विकसित होता है, कहलाती है
A. अनिषेकफलन
B. एपोमिक्सिम
C. अलैंगिक प्रजनन
D. लैंगिक प्रजनन ।
Ans:- A. अनिषेकफलन

72. परागनली की भ्रूणकोश की ओर वृद्धि होती है
A. रसायानुवर्ती
B. स्पर्शानुचलन
C. गुरुत्वानुवर्ती
D. इनमें से कोई नहीं।
Ans:- A. रसायानुवर्ती

73. एक आवृत्तबीजी भ्रूणकोश में तंतुरूप समुच्चय का क्या कार्य होता
A. परागनलिका की सहायक कोशिका से अण्ड की ओर वृद्धि हेतु मार्गदर्शन करता है।
B. परागनलिका की सहायक कोशिका में प्रवेश करने में सहायता करता है।
C. एक से अधिक परागनलिकाओं को सहायक कोशिका में प्रवेश
D. परागनलिका के खुलने का कारण होता है।
Ans:- A. परागनलिका की सहायक कोशिका से अण्ड की ओर वृद्धि हेतु मार्गदर्शन करता है।

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